
मालूम पड़ा खाना 1600 रुपये का था और उस की सैलरी 7000 थी। खैर यह सब यहाँ पोस्ट करने का मकसद यह था कि अगर हम बारिश के ऐसे मौसम में कुछ ऑर्डर करते है तो हमें उन लोगों का एहसास करना चाहिए यह लोग भी इंसान होते है यह लोग मेहनत करते है हमें उनकी हौसला अफजाई करनी चाहिए अगर कोई ऐसे मौसम में इतनी दूर से खाना देने आ जाता है तो उस को TIP के तौर पर कुछ पैसे देने में कोई हर्ज नही क्योंकि मैंने यह चीजें बहुत करीब से देखी है… उनकी तनख्वाह बस यही कोई 6 हजार के करीब होती है मैनेजर उनको यही बताता है कि 5 हजार या 6 हजार तनख्वाह बाकी आप को TIP मिला करेगी।वैसे मैं इस बारिश में खाने लेने जा रहा था तो मैंने उस लड़के से खाना ले लिया था और पैसे उस को अदा कर दिए थे और उस लड़के के लिए आसानी पैदा कर दी गयी है, लेकिन भाई जैसे कई लोग मजबूर है हमें एहसास करना चाहिए।मोहब्बतें और आसानियां बांटे हमारे पास वक्त बहुत कम है। Alhamd Husain
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